उन्होने कहा कि जिन्होने इन्फेक्शन प्रिवेंशन प्रोटोकॉल का प्रशिक्षण लिया वह ओपीडी और आपातकाल सेवा चला सकते हैं। जिन्होने अभी तक प्रशिक्षण नहीं लिया उस अस्पताल के डाक्टर सीएमओ अस्पताल के सभागार में प्रशिक्षण ले सकते हैं। प्रशिक्षण लेने वाले डाक्टर अपने अस्पताल के अन्य स्टाफ को इसका प्रशिक्षण देंगे। प्रशिक्षण देने के बाद इसका प्रमाणपत्र सीएमओ आफिस में जमा करेंगे। उसके बाद सीएमओं की अनुमति मिलने पर इमरजेंसी सेवाएं चालू कर सकेंगे।
डा वाजपेई ने कहा कि नियम का पालन नहीं करने वाले पर इसका पूर्ण उत्तरदायित्व संबंधित अस्पताल प्रशासन का होगा। गौरतलब है कि नगर के निजी अस्पताल और नर्सिंगहोम में सुबह से ताला लगा हुआ है। उनका कहना है कि सरकारी आदेश के कारण हममने ओपीड़ी और अन्य मेड़किल सुविधों को बंद कर रखा है।
No comments:
Post a Comment