कोरोना वायरस महामारी से सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य महाराष्ट्र ने अगले साल मार्च तक राज्य में सभी विकास कार्यों पर रोक लगा दी है. उत्तर प्रदेश के बाद सबसे बड़े बजट वाले राज्य ने 2020-21 के लिए विकास योजनाओं के खर्च में 67 प्रतिशत की कटौती की है. यह कटौती 1960 में राज्य निर्माण के बाद सबसे बड़ी कटौती है. स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के अनुसार महाराष्ट्र में अबतक कोरोना वायरस के 12,974 ने मामले आ चुके हैं, जो देश के कुल मामलों का 30 प्रतिशत है. राज्य में 548 मौतें दर्ज की गई हैं.
शिवसेना-एनसीपी-कांग्रेस सरकार ने 2020-21 के लिए 4.34 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया था, जो 2019-20 से 4.1 प्रतिशत अधिक था. महामारी का मुकाबला करने के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचे और वस्तुओं की खरीद पर रोक लगाते हुए राज्य ने विभागों को नई खरीद और नए विकास कार्यों के लिए निविदाओं को वापस लेने का आदेश दिया है. महाराष्ट्र का कहना है कि लॉकडाउन के तीसरे चरण में राज्य को लगभग 50,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है.
चालू वित्त वर्ष के लिए राज्य का अपना टैक्स रवेन्यू लगभग 2,25,071 करोड़ रुपये था. कुछ दिन पहले राज्य के वित्त मंत्री अजीत पवार ने अर्थव्यवस्था के लिए 50,000 करोड़ रुपये के पैकेज की मांग करते हुए केंद्र से संपर्क किया था. राजस्व में तेज गिरावट का अनुमान लगाते हुए राज्य सरकार ने COVID-19 नियंत्रण उपायों के लिए परिचालन खर्च को छोड़कर सभी नए कार्यों पर रोक लगा दी है.
भारत में कोरोना वायरस के संक्रमण से मरने वालों की संख्या बढ़कर 1,566 हो गई है और 46 हजार 437 लोग संक्रमित हो चुके हैं. पिछले चौबीस घंटों में यहां 175 लोगों की जान गई है और तीन हजार 932 नए मामले सामने आए हैं.
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