छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के शहरी नेटवर्क मामले में एक के बाद एक नए खुलासे हो रहे हैं। पकड़े गए आठ आरोपितों से पूछताछ में एक जनपद सदस्य सहित दो और लोगाें का नाम आने के बाद पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में कुछ और लोगों की संलिप्तता की पुष्टि हुई है। पकड़े गए आरोपितों में सिकसोड़ का जनपद सदस्य राजेंद्र सलाम पिता सुबेसिंह और उसका एक साथी मुकेश सलाम पिता रामचरण शामिल हैं। मीडिया से जुड़े एक अन्य व्यक्ति की संलिप्तता के भी पुख्ता प्रमाण मिले हैं। पुलिस के अनुसार वह फरार हो गया है। पुलिस इस मामले के आपस में जुड़े तार और नेटवर्क की तलाश कर एक-एक आरोपितों को दबोच रही है।अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (कांकेर) कीर्तन राठौर के नेतृत्व में इसके लिए एसआईटी का गठन किया गया है। उन्होंने बताया कि नक्सलियों के शहरी नेटवर्क के आठवें आरोपित टोनी भदैरिया को मंगलवार को राजनांदगांव से पकड़ा गया था। इससे पहले 24 अप्रैल को पांच और उनकी निशानदेही पर दो आरोपितों को पकड़ा गया था। इन लोगों से हुई पूछताछ में जनपद सदस्य राजेन्द्र सलाम और क्षेत्र के एक कथित पत्रकार समेत तीन लोगों का नाम सामने आया। जिनमें से दो को गिरफ्तार कर लिया गया है।
पुलिस को पूछताछ में यह भी पता चला है कि राजेन्द्र सलाम और उसके साथी नक्सली कमांडर राजू सलाम के भाई मुकेश सलाम तक सामग्री की डिलीवरी करते थे। इसलिए पुलिस अब राजेंद्र और मुकेश सलाम को गिरफ्त में लिया है। इस काम में संलिप्त एक कथित पत्रकार की तलाश की जा रही है।
यह है समूचा मामला
नक्सलियों का शहरी नेटवर्क चलाने वाले राजनांदगांव के एक ठेकेदार सहित पांच आरोपितों को कांकेर पुलिस ने 24 अप्रैल 2020 को गिरफ्तार किया। ये आरोपित लॉकडाउन के दौरान एक वाहन में दैनिक उपयोग की सामग्री और बम बनाने का सामान लेकर नक्सलियों तक पहुंचाने जा रहे थे। जांच में लगी पुलिस ने वाहन की तलाशी ली तो मामले का खुलासा हुआ।
आरोपितों के बारे में पुलिस को पहले से ही संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिली थी। इस सूचना के आधार पर उन्हें रंगे हाथों पकड़ने के लिए बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक पी सुंदरराज ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कांकेर कीर्तन राठौर के नेतृत्व में विशेष अनुसंधान टीम का गठन किया गया था। टीम लगातार आरोपितों की गतिविधियों पर नजर रख रही थी।
जांच में इस बात का खुलासा हुआ कि लैंडमार्क इंजीनियरिंग कंपनी बिलासपुर के निशांत जैन और लैंडमार्क रायल इंजीनियरिंग कंपनी राजनांदगांव के वरुण जैन के नाम से कांकेर जिले में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत अंतागढ़, आमाबेड़ा, सिकसोड़, कोयलीबेड़ा जैसे नक्सल प्रभावित में सड़क निर्माण का काम दिया गया है जिसे वे एक पार्टनर फर्म रूद्रांश अर्थ मूवर के अजय जैन और कोमल वर्मा के माध्यम से करा रहे हैं।
इस बीच नक्सलियों से संपर्क होने पर वे माओवादियों को सामग्रियों की आपूर्ति करने लगे हैं। उनके द्वारा अंदरूनी इलाके में काम कराने के दौरान नक्सलियों से संपर्क होने पर वे उन्हें शहर से आवश्यक सामग्रियों की आपूर्ति करने लगे। इस तरह नक्सलियों का शहरी नेटवर्क तैयार हो गया है।
पहले दिन पांच गिरफ्तार, दो कार और दस मोबाईल फोन जब्त
कांकेर पुलिस ने इस गिरोह का पर्दाफाश कर उन्हें गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की। मामले में पुलिस ने अजय जैन, कोमल वर्मा, रोहित नाग, सुशील शर्मा और सुरेश शरणागत को गिरफ्तार किया था। आरोपितों से दो कार, दस नग मोबाईल फोन, 45 जोड़ी जूते, नक्सल वर्दी के लिए 75 मीटर कपड़ा, दो नग वॉकी टॉकी, दो सौ मीटर इलेक्ट्रिक वायर सहित अन्य सामग्री जब्त की थी। पुलिस का कहना है कि अभी मामले में आरोपितों से और पूछताछ की जा रही है। शहरी नेटवर्क को लेकर और भी कई खुलासे हो सकते हैं।
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