Chanakya Niti Hindi: सफलता प्राप्त करने के लिए इंसान को बहुत कुछ करना पड़ता है. व्यक्ति को कठिन परिश्रम करना पड़ता है. बहुत कुछ सहना पड़ता है और बहुत कुछ त्याग करना पड़ता है. तब कहीं जाकर सफलता का स्वाद चखने को मिलता है.आचार्य चाणक्य को भी सफल होने के लिए बहुत संघर्ष करना पड़ा था. कई तरह की यातनाएं सहनी पड़ी थीं. लेकिन वे अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए दृढ़ संकल्पित थे. उन्होंने नंद वंश का समाप्त करने की प्रतिज्ञा ली थी. जिसे उन्होंने पूरा किया. लेकिन इस लक्ष्य को पाने के लिए चाणक्य को कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ लेकिन वे बिना हिम्मत हारे प्रयासरत रहे और अंतत: उन्हें सफलता प्राप्त हुई.
कहने का अर्थ है कि जीवन में कुछ भी असंभव नहीं है. बस इसके लिए व्यक्ति का आत्मबल मजबूत होना चाहिए. हर व्यक्ति जीवन में तरक्की करना चाहता है. वह चाहता है उसके पास हर प्रकार के सुख हों. लोग उसका सम्मान करें. समाज में स्थान प्राप्त हो. लेकिन यह सब इतना आसान नहीं है. इसके लिए व्यक्ति को इन बातों पर अमल करना चाहिए.
अनुशासित जीवन शैली
जीवन में अनुशासन का वही महत्व है जो भोजन में नमक का है. नमक के बिना भोजन का कोई स्वाद नहीं होता है उसी प्रकार जीवन में अगर अनुशासन नहीं है तो जीवन का कोई अर्थ नहीं है. सफलता प्राप्त करने के लिए व्यक्ति को अनुशासित होना बहुत ही जरूरी है. अनुशासन व्यक्ति को समय का महत्व बताता है.
जीवन में अनुशासन का वही महत्व है जो भोजन में नमक का है. नमक के बिना भोजन का कोई स्वाद नहीं होता है उसी प्रकार जीवन में अगर अनुशासन नहीं है तो जीवन का कोई अर्थ नहीं है. सफलता प्राप्त करने के लिए व्यक्ति को अनुशासित होना बहुत ही जरूरी है. अनुशासन व्यक्ति को समय का महत्व बताता है.
ज्ञान की ज्योति से अंधकार दूर करो
पुस्तकें पढ़ने से शिक्षित तो हुआ जा सकता है लेकिन ज्ञानी नहीं बन सकते हैं. शिक्षा का अर्थ और महत्व जानने के बाद ही ज्ञान की प्राप्ति होती है. ज्ञान वह है जो अंधकार में रोशनी का कार्य करता है. ज्ञान की ज्योति से प्रकाशवान मस्तिष्क किसी भी प्रकार के अंधेरे को दूर करने में सक्षम होता है. ज्ञान ही व्यक्ति के आचरण को निखारता है. ज्ञान से ही व्यक्ति को सम्मान प्राप्त होता है.
पुस्तकें पढ़ने से शिक्षित तो हुआ जा सकता है लेकिन ज्ञानी नहीं बन सकते हैं. शिक्षा का अर्थ और महत्व जानने के बाद ही ज्ञान की प्राप्ति होती है. ज्ञान वह है जो अंधकार में रोशनी का कार्य करता है. ज्ञान की ज्योति से प्रकाशवान मस्तिष्क किसी भी प्रकार के अंधेरे को दूर करने में सक्षम होता है. ज्ञान ही व्यक्ति के आचरण को निखारता है. ज्ञान से ही व्यक्ति को सम्मान प्राप्त होता है.
कार्य कुशलता और प्रतिबद्धता
व्यक्ति को अपने कार्य में कुशल होना चाहिए. इसके लिए उसे कठोर परिश्रम करना चाहिए. कुशल व्यक्तिओं का हर स्थान पर सम्मान होता है. कुशलता व्यक्ति के लिए एक प्रकार से आभूषण है जिसे सुशोभित करके व्यक्ति अपने व्यक्तित्व को निखारता है. कुशलता पर कभी घमंड नहीं करना चाहिए.
व्यक्ति को अपने कार्य में कुशल होना चाहिए. इसके लिए उसे कठोर परिश्रम करना चाहिए. कुशल व्यक्तिओं का हर स्थान पर सम्मान होता है. कुशलता व्यक्ति के लिए एक प्रकार से आभूषण है जिसे सुशोभित करके व्यक्ति अपने व्यक्तित्व को निखारता है. कुशलता पर कभी घमंड नहीं करना चाहिए.
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